October 25, 2026 5:52 pm

गैरसैंण सत्र से पहले सियासी घमासान, सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस नदारद, बसपा ने दो दिन के सत्र पर उठाए सवाल

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के 27 अक्टूबर से गैरसैंण के भराड़ीसैंण में शुरू होने वाले सत्र से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी की अध्यक्षता में यमुना कॉलोनी स्थित उनके सरकारी आवास पर कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। दोनों बैठकों में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ, जबकि बैठक में मौजूद बहुजन समाज पार्टी के विधायक मोहम्मद शहजाद ने दो दिन के सत्र की अवधि पर सवाल उठाते हुए सरकार पर जनता के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया। कांग्रेस की गैरमौजूदगी और सत्र की अवधि को लेकर उठे सवालों ने विधानसभा सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष ने रखी बात

बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा कि विधानसभा सत्र से पहले सर्वदलीय और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित करना स्थापित संसदीय परंपरा का हिस्सा है। सभी संबंधित सदस्यों को विधानसभा सचिवालय की ओर से लिखित पत्र भेजे जाते हैं और फोन के माध्यम से भी सूचना दी जाती है। इसके बावजूद कोई सदस्य बैठक में शामिल नहीं होता है, तो यह उसका अपना निर्णय है। किसी भी जनप्रतिनिधि को बैठक में आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसदीय परंपराओं और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल राजनीतिक बयानबाजी का मंच नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाने और सरकार से जवाब मांगने का महत्वपूर्ण स्थान है। सभी विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाने चाहिए और गैरसैंण सत्र को शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण ढंग से संचालित करने में सहयोग करना चाहिए।

दो दिन के सत्र में बजट और विधायी कार्यों पर चर्चा

संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सत्र के दौरान होने वाले कामकाज पर चर्चा की गई। 27 अक्टूबर को सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सदन में अंतरिम बजट पेश करेंगे। सरकार के जरूरी विधायी कार्य भी सदन में रखे जाएंगे। दूसरे दिन प्रश्नकाल, बजट पारित कराने और अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है।

कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी पर सुबोध उनियाल ने बताया कि उनकी वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह से फोन पर बातचीत हुई थी। प्रीतम सिंह ने पहले से निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों के चलते त्यूणी क्षेत्र में व्यस्त होने की जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस नेता यशपाल आर्य से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विपक्ष की भागीदारी के साथ सदन चलाना सरकार की प्राथमिकता है और सभी दलों को इसमें सहयोग करना चाहिए।

बसपा विधायक ने पूछा, दो दिन में कैसे उठेंगे जनता के मुद्दे?

बैठक में शामिल बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने सत्र की अवधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल दो दिन के सत्र में जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा करना मुश्किल है। पहले दिन का बड़ा हिस्सा दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने में निकल जाएगा। ऐसे में दूसरे दिन ही विधायकों के पास अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाने और सरकार से सवाल पूछने का समय बचेगा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में कुल 70 विधायक हैं। यदि बड़ी संख्या में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाना चाहें, तो एक दिन में सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना आसान नहीं होगा। महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, आपदा और बुनियादी सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए इतना कम समय कैसे पर्याप्त हो सकता है?

मोहम्मद शहजाद ने आरोप लगाया कि कम अवधि का सत्र बुलाकर सरकार केवल औपचारिकता पूरी कर रही है और जनता के सवालों पर गंभीर चर्चा से बचना चाहती है। ऐसे में गैरसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस की गैरमौजूदगी और बसपा विधायक के सवालों ने सरकार के सामने विपक्ष की भागीदारी तथा सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी कर दी है।