देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मॉडल सहकारिता गांव स्थापित किया जाएगा। योजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
संस्कृत गांव की तर्ज पर होगा विकास
शनिवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि संस्कृत गांव की तर्ज पर हर जिले में मॉडल सहकारिता गांव विकसित किया जाए। इन गांवों में—
- सहकारी बैंक
- सीएससी सेंटर
- सहकारी बाजार
की स्थापना की जाएगी।
सहकारी बाजार स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान समूहों और ग्रामीण उत्पादकों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और सहकारिता आधारित आत्मनिर्भर मॉडल विकसित करना है।
50 सचिव जाएंगे गुजरात, जानिए क्यों
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारी समितियों के 50 सचिवों को अध्ययन भ्रमण पर गुजरात भेजा जाए।
विशेष रूप से शुरुआती अवस्था (infancy) में काम कर रही समितियों के सचिवों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे गुजरात के सफल सहकारिता मॉडलों का अध्ययन कर अपने जिलों में उसे लागू कर सकें। सरकार का मानना है कि सफल मॉडलों से सीख लेकर प्रदेश की समितियों को मजबूत किया जा सकता है।
घाटे में चल रही समितियों पर फोकस
होली के बाद संयुक्त निबंधक, अपर निबंधक और प्रभारी अधिकारी अपने-अपने जिलों में ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठकें करेंगे। घाटे में चल रही समितियों को उबारने के लिए ग्राउंड जीरो पर रणनीति बनाकर ठोस कार्ययोजना लागू की जाएगी।
सभी पैक्स (PACS) और एपेक्स समितियों की नियमित बोर्ड बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पारदर्शी भर्ती और प्रचार-प्रसार
सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों में शत-प्रतिशत नियुक्तियां Institute of Banking Personnel Selection (आईबीपीएस) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएंगी। 15 मार्च तक भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की तर्ज पर प्रदेश में भी सोशल मीडिया के माध्यम से योजनाओं और सफलताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय बोली-भाषा में किया जाएगा।
ग्रामीण विकास की नई पहल
मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि मॉडल सहकारिता गांव प्रदेश में सहकारिता के सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का आधार बनेंगे। आने वाले समय में यह पहल ग्रामीण विकास की नई मिसाल स्थापित करेगी।