टिहरी: हिमालय की गोद में स्थित टिहरी झील में आयोजित ‘टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि आने वाले समय में टिहरी झील देश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर पर्यटन और साहसिक खेलों का प्रमुख केंद्र बनेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी कॉलोनी से नई टिहरी तक रोपवे निर्माण की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का वर्चुअल शिलान्यास किया।
नौ मार्च तक चलेगा महोत्सव
नौ मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव में पर्यटन, साहसिक खेल, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। देश-विदेश से आए खिलाड़ी और पर्यटक विभिन्न गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
पर्यटन और खेल को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए भी तेजी से पहचान बना रही है। यहां कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग और स्कूबा डाइविंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि टिहरी झील के आसपास पर्यटन और खेल गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। वर्तमान में यहां 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
टिहरी में तेजी से हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि टिहरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए करीब 1300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड निर्माण और तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा भिलंगना विकासखंड के सुनारगांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है और पारंपरिक पहाड़ी शैली में नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य टिहरी को ऐसा केंद्र बनाना है जहां पर्यटन, खेल, संस्कृति और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिले।