July 5, 2026 12:17 pm

‘इलेक्टेड नहीं, सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं धामी’, पांच साल के कार्यकाल पर कांग्रेस का तीखा हमला, गोदियाल ने कहा – विज्ञापनों से नहीं, जनहित के कामों से बनता है इतिहास

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्यसेवक के रूप में पांच वर्ष पूरे होने पर जहां भाजपा जश्न मना रही है, वहीं कांग्रेस ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धामी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को दिशाहीन और जनविरोधी बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री “इलेक्टेड नहीं, बल्कि हाईकमान के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री” हैं।

गणेश गोदियाल ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री केवल विज्ञापनों और बयानबाजी के सहारे इतिहास में जगह नहीं बना सकता। इतिहास में वही सरकार याद रखी जाती है, जिसने धरातल पर जनहित के ठोस काम किए हों। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह दावा कर रहे हैं कि वे सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि वे जनता द्वारा नहीं, बल्कि पार्टी हाईकमान की पसंद से मुख्यमंत्री बने हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 में कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश पर करीब 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो भाजपा शासन में बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए राजस्व स्रोत विकसित करने में असफल रही है और विकास केवल कागजों व होर्डिंग तक सीमित होकर रह गया है।

गोदियाल ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका आरोप था कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा विकास के बजाय ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने भाजपा सरकार में आंतरिक असंतोष का भी जिक्र करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल के भीतर अंतर्विरोध बढ़ रहे हैं और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है, जबकि कांग्रेस पृष्ठभूमि से आए नेताओं का सरकार में प्रभाव अधिक दिखाई दे रहा है।

गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मामले में सीबीआई जांच की स्थिति अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है और कथित वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से जनता के बीच कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार से पारदर्शिता के साथ जवाब देने की मांग की है।