August 9, 2026 1:54 pm

तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से सम्मानित हुईं प्रदेश की मातृशक्ति, CM ने किया सम्मानित

देहरादून। तीलू रौतेली जयंती के अवसर पर शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली साहस, पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। सम्मानित महिलाओं की उपलब्धियां प्रदेश की अन्य बेटियों और मातृशक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

सम्मान राशि में बढ़ोतरी की घोषणा

मुख्यमंत्री ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणा की। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पुरस्कार राशि में यह बढ़ोतरी प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।

महिलाओं के सशक्तीकरण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक विकास और संस्कारों की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त उत्तराखंड की आधारशिला है। सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और अधिकारों के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।