देहरादून। उत्तराखंड में श्राद्ध और सनातन परंपराओं को लेकर कांग्रेस की कथित टिप्पणी पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा के निवर्तमान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कांग्रेस पर राजनीतिक विरोध की सीमा लांघने और धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ दिवंगत आत्माओं के सम्मान को लेकर असंवेदनशीलता बरतने का आरोप लगाया।
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में नरेश बंसल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पितृ श्राद्ध और तर्पण को लेकर कांग्रेस की कथित टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि श्राद्ध सनातन परंपरा से जुड़ी धार्मिक आस्था है, जिसमें लोग अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं। बंसल के मुताबिक, राजनीतिक विरोध के नाम पर ऐसी परंपराओं का मजाक उड़ाना उचित नहीं है।
नरेश बंसल ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता और पूर्व मुख्य रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को लेकर विवादित टिप्पणियां की गई हैं। उन्होंने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं के बयानों और व्यवहार में कथित तौर पर विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने पूछा कि राजनीतिक विरोधियों के परिवार और दिवंगत लोगों को निशाना बनाने के बाद कांग्रेस संवेदना और मोहब्बत की राजनीति का दावा किस आधार पर करती है।
कोटद्वार प्रकरण पर भी कांग्रेस से सवाल
भाजपा सांसद ने कोटद्वार के मोहम्मद दीपक प्रकरण को लेकर भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति के साथ राहुल गांधी की सार्वजनिक नजदीकी दिखाई गई, उसके खिलाफ एक हिंदू व्यापारी से कथित मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में पुलिस कार्रवाई हुई है।
बंसल ने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर चुप है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस नेता मोहम्मद दीपक से मिलने कोटद्वार पहुंच सकते हैं तो कथित पीड़ित व्यापारी से मिलने के लिए कोई नेता क्यों नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की संवेदनशीलता व्यक्ति और राजनीतिक संपर्क के आधार पर बदल रही है।
बिपिन रावत और अजीत डोभाल के बयानों का मुद्दा उठाया
नरेश बंसल ने पूर्व मुख्य रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेताओं की कथित टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों पर व्यक्तिगत टिप्पणियां की जाती हैं, जबकि विवादों में घिरे लोगों के साथ राजनीतिक नजदीकी दिखाई जाती है।
बंसल ने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक विरोध करते समय भी मर्यादा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी राष्ट्रीय सम्मान और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े विषयों को भी राजनीतिक विवाद का हिस्सा बना रही है।