October 6, 2026 6:09 pm

धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा राजनीतिक नहीं, हरीश रावत ने कहा – 7 अक्टूबर को वेणुगोपाल के सामने रखूंगा बात

हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा सोमवार को हल्द्वानी पहुंची। जसपुर से शुरू हुई यात्रा काशीपुर, रामनगर और कालाढूंगी होते हुए स्वराज आश्रम पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। यात्रा को लेकर कांग्रेस हाईकमान की आपत्ति के बीच रावत ने साफ किया कि इसका उद्देश्य राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता और देवी-देवताओं के प्रति आभार व्यक्त करना है।

रावत ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए वह प्रदेशवासियों का धन्यवाद करने निकले हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद हो रहा है। रावत के मुताबिक, इस यात्रा से कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा है।

7 अक्टूबर को वेणुगोपाल से मुलाकात

यात्रा को लेकर कांग्रेस हाईकमान की नाराजगी के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि वह 7 अक्टूबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार है और वह अपनी बात विस्तार से रखेंगे।

रावत ने कहा कि उन्होंने अपनी पहले से निर्धारित यात्रा को लेकर पार्टी नेतृत्व को जानकारी दी थी। उनका कहना है कि अचानक यात्रा रोकने से बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी की ओर से कोई समन्वित कार्यक्रम बनाया जा रहा है तो वह आगे की अपनी यात्राओं को स्थगित करने पर विचार कर सकते हैं।

हाईकमान की आपत्ति के बावजूद जारी रही यात्रा

दरअसल, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने रावत की धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा को लेकर आपत्ति जताई थी। पार्टी नेतृत्व की ओर से चुनाव से पहले अलग या समानांतर कार्यक्रम नहीं करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद रावत ने जसपुर से हल्द्वानी तक अपनी यात्रा जारी रखी।

हल्द्वानी में रावत ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से व्यापक जनसंपर्क अभियान दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनकी धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा से कांग्रेस के कार्यक्रमों में किस तरह की कमजोरी आ रही है। उन्होंने कहा कि वह जनता से संवाद के जरिए उनकी समस्याओं और भावनाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासन पर भी लगाए आरोप

रावत ने यात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि काशीपुर में उनके काफिले को मुख्य मार्ग से जाने की अनुमति नहीं दी गई और बाद में साथ चल रही गाड़ियों को भी रास्ता भटकाया गया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कई स्थानों पर उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट नहीं मिली, जबकि पहले ऐसे कार्यक्रमों में व्यवस्था रहती थी।

रावत ने इन घटनाओं को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, ये आरोप रावत की ओर से लगाए गए हैं।

बोले- उत्तराखंड बदलाव की बात कर रहा है

रावत ने 2027 के विधानसभा चुनाव के संदर्भ में भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जनसंवाद के दौरान उन्हें प्रदेश के लोगों की अपेक्षाओं और समस्याओं का पता चल रहा है। रावत ने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता बदलाव चाहती है।

हल्द्वानी में यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। अब 7 अक्टूबर को वेणुगोपाल के साथ होने वाली मुलाकात पर कांग्रेस के भीतर इस पूरे घटनाक्रम की अगली दिशा तय होने की संभावना है।